तिलोनिया शोध एवं विकास संसथान, नलु

हमें खुषी है कि तिलोनिया शोध एवं विकास संस्थान नलू समुदाय के साथ सफलता पूर्वक कार्य करते हुए सोहलवा वर्ष पूर्ण कर चुका है।

विभिन्न कार्यक्रम व गतिविधियों के माध्यम से समुदाय के वंचित, दलित, गरीब महिलाओं व बच्चों के विकास के लिए संस्थान ने समस्त संसाधनों व क्षमताओं का उपयोग करते हुए समुदाय, ग्राम पंचायत व ग्राम स्तरीय सेवाओं व योजनाओं में समन्वयन करते हुए समुदाय के लोगों को उचित लाभ दिलाने का प्रयास किया है।

क्यों कि आधुनिकता और विकास के इस दोर में भी राजस्थान प्रदेष के ग्रामीण क्षैत्र के षिक्षा, स्वास्थ्य, पानी व रोजगार की स्थिति को गहनता से समझा जाए तो स्थितियॉ बेहतर नहीं कही जा सकती है। षिक्षा और संचार के अभाव में लोगों को उनके लिए संचालित लाभकारी योजनाओं की जानकारी भी नहीं हो पाती जिसके कारण ग्रामीण समुदाय का जीवन और भी अंधकारमय हो जाता है।

प्रजनन स्वास्थ्य की जानकारी व सेवाओं का अभाव होने के परिणाम स्वरूप षिषु व मातृ मृत्यु के दर, प्रजनन दर, यौन रोग व एड्स आदि में बढ़ोतरी के साथ साथ समुदाय में महिला पुरूषों की संख्या, मान सम्मान व दर्जे में असुन्तलन का वातावरण पनपने की सम्भावनाएं बढ़ जाती है।

अतः समुदाय को उपरोक्त मुद्दों के प्रति जागरूक व अपने हक व अधिकारों के प्रति सजग करते हुए समस्याओं का समाधान ढूंढने में समुदाय के साथ कार्य के अनुभवों व तथ्यो की रिपोर्ट आपके समक्ष प्रस्तुत है आषा है आप इसका अध्ययन कर आपके अमूल्य सुझावों से अवगत करावें ताकि भविष्य में सुधार किया जा सके।

मैं संस्थान परिवार की ओर से सभी दान दाता व सहयोगी संस्थाओं का आभारी हॅू जिनके द्वारा परियोजना संचालन हेतु आर्थिक सहायता के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के क्षमता वर्धन प्रषिक्षणों का आयोजन कर कार्यक्रम को मजबूती प्रदान की गई।

छोटूलाल मालाकार
समन्वयक

शोध संस्थान नलू