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By , August 7, 2009 12:56 am

तिलोनियां शोध एवं विकास संस्थान की शुरूआत समाजकार्य एवं अनुसंधान केन्द तिलोनियां के 10-15 वर्षो से अनुभव प्राप्त साथियों द्वारा की गई। जिसके पीछे सोच था कि स्थानीय समुदाय आधारित संगठन अपने ग्रामीण क्षेत्र के लिए मानवीय विकास हेतु कार्य करे। संस्थान अजमेर जिले के सिलोरा, अराई एवं जयपुर जिले के दूदू विकास खण्ड के 39 गांवों में कार्यरत है।

संस्थान 3 पंचायतों के 12 गांवों में ग्रामीण विकास के कार्यक्रम के साथ 1995 से प्रारम्भ हुई्र। नवम्बर 1998 से ैॅत्ब् के विस्तार केन्द्र नलू की 3 ग्राम पंचायत के 11 गांवों में संचालित सभी गतिविधियों को ओर संचालित करने का अतिरिक्त जिम्मा तिलोनियां शोध एवं विकास संस्थान, को मिला एवं संस्थान कार्यालय फलौदा से नलू स्थानान्तरित हुआ।
पर्यावरण विकास के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य, अनौपचारिक षिक्षा शौचालय, वर्षा पानी संग्रहण व भण्डारण, पेयजल टांका व सामुदायिक पाईप लाईन आदि कार्यक्रम समुदाय की भागीदारी के साथ किये जा रहें है। ये सभी कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र के गरीब, असहाय एवं महिला वर्ग हेतु प्राथमिकता के साथ सम्पादित किये जाते है। संस्थान का वार्षिक बजट लगभग 10 से 25 लाख रूपये है ।

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